



सरदारों के 12 क्यों बजते हैं (Sardar Ke Barah Baj Gaye Meaning) इस तरह के जोक्स के पीछे की असली कहानी जानकर फिर आप कभी नहीं उड़ाएंगे उनका मजाक|सिखों के 12 बज गए (Sikho ke 12 Baj Gaye), सरदारों के 12 क्यों बजते हैं (Sardar Ke 12 Kyon Bajate Hain), ऐसे चुटकुले आपने बहुत से सुने होंगे और बहुत मजे भी लिए होंगे। सरदार पर जोक (Jokes On Sardar) बनाना लोगों को बहुत ही आसान लगता है परन्तु सिर पर पगड़ी लगाए और हाथ में कृपाण लिए यह सरदार हमेशा खुश रहते है। क्या कभी आपने जानने की कोशिश की है कि सिखों के 12 बजे की कहानी की असलियत ?
इस कहानी को जानकर आप कभी भी 12 बज गए कहकर उनका मजाक नहीं उड़ाएंगे और उनके सम्मान में आपका सिर झुक जाएगा। आइये जानते है इस जुमले के पीछे की हकीकत (Sardar Ke Barah Baj Gaye Meaning) :-1K का क्या मतलब होता है?
क्यों होता है हज़ार के लिए 1K का इस्तेमाल?बात 18वीं शताब्दी की है, जब 1739 में ईरान के शाह नादिरशाह ने भारत पर हमला किया था। उस हमले में नादिरशाह ने भारत को बहुत ही बेतरतीबी तरीके से लूटा और दिल्ली को तबाह कर दिया। नादिरशाह ने दिल्ली को लगभग 2 महीने तक लूटा और उस लूट में उसने करोङो की संपत्ति, नगदी , जेवरात लुटे। नादिरशाह की इसी लूट में उसने भारत की बहुमूल्य धरोहर ‘कोहिनूर हीरा’ भी लूट लिया।नादिरशाह की सेना ने बहुत ही बड़ी संख्या में चाहे वो हिन्दू हो या मुस्लिम उनका कत्ले आम किया और सैकड़ो औरतों का शोषण किया। ईरान लौटते वक्त नादिरशाह ने लगभग 2000 भारतीय महिलाओं को बंदी बना कर उन्हें अपने साथ ले जाने का मन बनाया था। नादिरशाह व उनकी सेना के इस कुकर्म की सूचना पाकर सरदार जस्सा सिंह, जो सिख आर्मी के कमाण्डर इन चीफ थे, उन्होंने भारतीय स्त्रियों को उनके कब्जे से आजाद करवाने की योजना बनायी। इसमें सबसे बड़ी अड़चन संख्या की थी क्योंकि नादिरशाह की सेना हजारों में थी और सिखों (Sikho) की सैन्य टुकड़ी मात्र कुछ सैकड़ों में।जाने क्यों होती है राजस्थान में बुलेट बाइक की पूजा, पढ़े बुलेट बाइक मंदिर की कहानी |





