इलाहाबाद हाई कोर्ट ने, कानपूर की रहने वाली एक महिला सयारा उरुज उर्फ अफ़साना को जमानत देने से इंकार कर दिया है। दरअसल, इस महिला पर यह आरोप है कि उसने अपने पति को आत्महत्या करने के लिए उकसाया है। जस्टिस संजय कुमार सिंह की अगुवाई में यह फैसला सुनाया है। उन्होंने, जमानत याचिका को ख़ारिज करते हुए कहा कि वह अपने आप को बचाने के लिए, कोर्ट में झूटी कहानी न सुनाये, क्यूंकि सच और सबूत कभी बदल नहीं सकता। यह मामला कानपुर के चमनगंज इलाके की है, जब 23 दिसंबर 2019 को, वकील अहमद नाम के एक शख्स ने आत्महत्या कर ली। पुलिस ने मौका ए वारदात से एक सुसाइड नोट भी बरामद किया था। वकील अहमद के बेटे, समीर अहमद ने पुलिस को लिखित बयान दिया कि उसकी मां, समीर को फ़ोन करके यह खबर दी कि तुम्हारे अब्बू ने फांसी लगाकर, आत्महत्या कर ली है। यह मामला कानपुर के चमनगंज इलाके की है, जब 23 दिसंबर 2019 को, वकील अहमद नाम के एक शख्स ने आत्महत्या कर ली। पुलिस ने मौका ए वारदात से एक सुसाइड नोट भी बरामद किया था। वकील अहमद के बेटे, समीर अहमद ने पुलिस को लिखित बयान दिया कि उसकी मां, समीर को फ़ोन करके यह खबर दी कि तुम्हारे अब्बू ने फांसी लगाकर, आत्महत्या कर ली है। https://lawtrend.in/patni-ke-gair-mardo-ke-sath-relation-pati-ko-suicide-ke-liye-uksaya/




क्या अपने कभी बुलेट बाइक मंदिर के बारे में सुना है….जहां एक 350 CC बुलेट बाइक की पूजा होती है…हमारे भारत में ईश्वर की भक्ति को विशेष महत्व दिया जाता है, यहां लोग अलग अलग मंदिरों में अपनी श्रद्धा के अनुसार ईश्वर की पूजा-अर्चना करते हैं और हर मंदिर से जुड़ी अनेकों मान्यतायें व कहानियां भी प्रचलित होती हैं… परन्तु, कभी कभी लोगो की श्रद्धा कुछ ऐसी चीजों से जुड़ जाती है जिसके बारे मे जानकर बहुत आश्चर्य होता है।ऐसा ही एक विचित्र मंदिर राजस्थान के जोधपुर-पाली राजमार्ग से 20 km दूर चोटीला गांव में स्थित हैं। जहां एक मोटरसाइकिल की पूजा होती है। इस मंदिर से जुडी है ओम बन्ना की कहानी इसीलिए ये ओम बन्ना मंदिर या बुलेट बाबा मंदिर के नाम से जाना जाने लगा। यह मंदिर पूरे विश्व का एकलौता बुलेट बाइक मंदिर हैं,जहां बुलेट 350cc बाइक की पूजा की जाती है। इस मंदिर मे लोग आते जाते समय अपनी मंगलमय यात्रा के लिए प्राथना करने आते हैं। तो आइए जानते हैं बुलेट बाबा मंदिर से जुड़ी कहानी…की आखिर कैसे बना यह मंदिर एक पवित्र तीर्थस्थल और मोटर साइकिल की पूजा का राज व ओम बन्ना की कहानी…फलों पर आखिर ये स्टीकर क्यों – Know About PLU Codeओम बन्ना की कहानी (Om Banna Story In Hindi)यह मंदिर ओम बन्ना की याद में बनाया गया है। ओम बन्ना का पूरा नाम ओम सिंह राठौड़ है जो चोटिल गांव के ठाकुर जोग सिंह राठौड़ के पुत्र थे।सन् 1988, ओम बन्ना शाम के समय अपनी बुलेट 350 CC बाइक से अपनी ससुराल से अपने घर चोटिला गांव आ रहे थे कि अचानक उनकी बाइक नजदीक के पेड़ से जा टकराई और टकर इतनी तेज़ थी कि ओम बन्ना की मौके पर ही मृत्यु हो गई थी। इस एक्सीडेंट के बाद पुलिस ने उनकी बाइक को जब्त कर थाने ले गई लेकिन अगले ही दिन बाइक थाने में नही मिली… कहा जाता है कि वह बाइक बिना किसी चालक के उसी स्थान पर पहुंच गई थी जहां पर ओम बन्ना का निधन हुआ था। पहले पुलिस प्रशासन को लगा कि कोई व्यक्ति बाइक को घटनास्थल पर ले गया था। तब पुलिस बाइक को वापस थाने ले आई और ऐसा एक बार नही बल्कि तीन-चार बार हुआ था… तब पुलिस के तो होश ही उड़ गए कि ये हो क्या रहा है…यहां तक की पुलिस ने बाइक को जंजीरों से बंद दिया था लेकिन अगले दिन बाइक जंजीर को तोड़कर बिना चालक के दुर्घटनास्थल पहुंच गई। तब पुलिस प्रशासन ने ओम बन्ना के पिता और स्थानीय लोगों की मदद से बुलेट बाइक को घटनास्थल पर ही एक चबूतरा बनवाकर स्थापित करा दिया। स्थानीय लोगों का मानना है कि उस बाइक में ओम बन्ना की आत्मा निवास करती है जो लोगों की बड़े एक्सीडेंट से बचाती है। जबसे ये बाइक यहां खड़ी की गई है तब से इस स्थान पर कोई अन्य घटनाएं नही घटित हुई हैं। फिर लोगों ने इसे चमत्कार मानकर बाइक की पूजा-अर्चना आरम्भ कर दिया और देखते ही देखते यह एक पवित्र स्थान माना जाने लगा।ऐसा सागर जो आपको डूबने नहीं देता -Dead Sea





